पैसे कमाने में कही ये चीज़े भूल मत जाना वरना…work and life

पैसे कमाने में कही ये चीज़े भूल मत जाना वरना…work and life balance     

पृथ्वी पर पैसा ही एकमात्र ऐसी चीज है जो ऑक्सीजन के बाद मानव जीवन को चलाता है। कोई माने या न माने, यह एक कड़वी सच्चाई है। ऑक्सीजन बिना मेहनत किए मिल जाती है लेकिन पैसे के लिए हर संभव कोशिश करनी पड़ती है। जीवन में जितनी अधिक आवश्यकता होती है, पैसा MONEY MAKING उतना ही अधिक महत्वपूर्ण होता है। हाल के समय में ज्यादातर लोगों की जरूरतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। और अगर demand बढ़ती हे तो supply भी बढ़नी चाहिए। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो shortage पैदा होता है। अब अगर इस rule को हम अपने जीवन से जोड़ लें तो जब हमारी जरूरतें पूरी नहीं होती हैं तो हमें जीवन में कमी महसूस होती है, जो कमी हमारे भीतर inferiority, anxiety और stress पैदा करती है। अब इस पूरे मसले को साइकोलॉजी के नजरिए से देखें तो कुछ कमी हमारे जीवन में हीनता, गुस्सा , ईर्ष्या, अवसाद और अशांति की भावनाओं के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
work and life balance

अब मूल मुद्दा “MONEY MAKING” पर वापस आते हैं। इस प्रकार आज के समय में महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी पैसा कमाने के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन आज हम सिर्फ पुरुषों के बारे में बात करेंगे। परिवारों में अक्सर सबकी जिम्मेदारियां बंट जाती हैं। पुरुषों के लिए पैसा कमाने के लिए नौकरी (सरकारी या प्राइवेट), छोटा मोटा बिजनेस या कोई प्रोफेशनल काम करना बहुत आम बात है। लेकिन समस्या अब शुरू होती है।

आज का मनुष्य इन पैसों को कमाने में इतना डूबा हुआ है कि वह सामाजिक और पारिवारिक जीवन के कई अन्य पहलुओं को नजर अंदाज करने लगता है। उसका एक ही उद्देश्य होता है कि कैसे और कहाँ से कितना पैसा कमाया जाए! उसका कारण हो सकता है परिवार की ज्यादा जरूरते (डायरेक्ट और इन डायरेक्ट) समाज में या परिवार में खुद को साबित करने के लिए, अपने मित्रो अंदर हो रही छिपी कंपटीशन से प्रेरित होकर, बचपन में अनुभव की गई अत्यधिक कमी को पूरा करने के लिए और अक्सर अपने पर्सनल इगो को संतुष्ट करने के लिए आदमी पैसे के पीछे भागता है। पैसा कमाने की इस अंतहीन दौड़ में लग जाता है।

मेरा अनुमान है कि चौबीस घंटे के दौरान लगभग 90% पुरुषों के विचार केवल नौकरी, बिजनेस, काम, कॉम्पिटिशन, बॉस या मार्केट में उछाल और गिरावट, लेन देन आदि से संबंधित होते हैं। यदि नब्बे प्रतिशत विचारों में ये सब बातें हैं, तो स्वाभाविक है कि उसके कर्म भी उसी दिशा में होंगे।

आज के आदमी अपनी हॉबी के बारे में पूछे तो दो थोड़ी देर सोच में पड़ जायेगा। वह समय-समय पर परिवार के साथ बाहर घूमने जाता है, लेकिन वह भी बच्चों और पत्नी के आग्रह के कारण, दिखावे के लिए या यहां तक ​​कि सेल्फ सेटिस्फेकसन के लिए या एक दायित्व के रूप में जाएगा। हालांकि काम के बारे में उनके दिमाग में लगातार विचार चलते रहेंगे और इसलिए वह खुद को कभी रिलेक्स नहीं पाएंगे।

वर्तमान में, 25 से 50 वर्ष की आयु के पुरुषों में चाय, तंबाकू, सिगरेट और शराब की आदतें बहुत बढ़ रही है ये सिर्फ टेंपररी राहत की उम्मीद में हो रहा है। हालाँकि, ऐसा नहीं लगता कि यह राहत के बजाय एक बुरी आदत बन जाती है? इससे शारीरिक, मानसिक और पारिवारिक परेशानी होती है। ऐसे समय में मनुष्य एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस जाता है जिससे निकलने का उसे कोई रास्ता नहीं सूझता। इसका सिर्फ एक ही उपाय सूझता है, बस पैसा कमाओ.. पैसा कमाओ…

जाहिर सी बात है कि जब एक चीज हमारे दिल और दिमाग पर छा जाती है तो हमारा ध्यान दूसरी चीजों की तरफ नहीं जा सकता। जिससे पारिवारिक परेशानियां शुरू हो जाती हैं। क्योंकि पैसे की भी कुछ सीमाएं होती हैं। पैसा मनुष्य की मैटेरियल ज़रूरतों को पूरा कर सकता है लेकिन उसकी भावनात्मक ज़रूरतों का क्या?

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मैं बहुत से ऐसे लोगों को जानता हूं जो अच्छे पैसा कमाते हैं लेकिन उनके माता-पिता उनसे संतुष्ट नहीं हैं। उनकी पत्नी के पास शिकायतो के ढेर हैं। उनके अपने बच्चों के साथ हेल्थी संबंध नहीं हैं। शायद ही कोई दोस्त काम के अलावा उनके मोबाइल पर कॉल करता हो। क्योंकि वह इन सभी लोगों को क्वालिटी टाइम नहीं दे पाए हैं। वे उनको समझने के लिए समझ और धैर्य का विकास नहीं कर सके। वह सिर्फ घर चलाने और कुछ मौज-मस्ती करने के लिए पैसा कमाने वाला रोबोट बन गया है। जिसमें न ऊष्मा है, न कोई सेंसिटिविटी। जो किसी भी चीज पर पांच-दस मिनट से ज्यादा फोकस नही कर सकता। उसके भीतर प्रेम का कमरा ज्यादातर बंद ही रहता है। और शायद अगर किसी कारणवश जब उसकी आँखें खोलीं भी जाए तो तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

जीवन बहुत छोटा है, पलक झपकते ही साल बीत जाते हैं। क्या हम इस धरती पर केवल एक ही काम करने आए हैं! और वो भी नौकरी या बिजनेस करने के लिए! दूसरों से ज्यादा पैसा कमाने के लिए! हालाँकि पैसा बहुत महत्वपूर्ण है, केवल पैसा ही महत्वपूर्ण नहीं है। जीवन में और भी कई चीजें हैं जिनके लिए प्यार भरे समय की आवश्यकता होती है। यदि कोई पैसे के साथ शांति और संतोष भी चाहता है तो माता-पिता, बच्चों, पत्नी, दोस्तों, भाई-बहनों के साथ घनिष्ठ संबंध होना बहुत जरूरी है। यदि हम जीवन की गति को धीमा नहीं करते हैं, तो अंततः, कहा चले थे तो बोले कही नही…

https://youtu.be/flmkM6eYxk4
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